दिल में लगता है, कुछ अभी अरमान बाकी हैं,
धुआं उठ रहा है, लगता है शमशान में अभी कुछ बाकी है,
ठोकर खाने के बाद भी, जीने की तमन्ना है दिल में,
लगता है कुछ और देखना , इस जहाँ में अभी बाकी है,
लुटने के बाद भी, लूट रहे है हमें सभी,
लगता है , की घर में अभी भी कुछ सामान बाकी है,
यार, तेरे मुखडे का दीदार कर के रोजे तोडते,
“अमन” लगता है, बहुत वक़्त उस रमजान में बाकी है,
:- aman with love.
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