Hindi Poem : ऐ खुदा तेरी दुनिया में
ऐ खुदा तेरी दुनिया में, अजब गजब से हमनें तमाशे देखे, जो हँसाते थे दुनिया को, आज वही लोग हमनें रोआंसे देखे, बाँटते थे जो खैरात दुनिया को ऐ “इश्क़” , आज उनके हाथों में पकड़े हमने कांसे देखे,
ऐ खुदा तेरी दुनिया में, अजब गजब से हमनें तमाशे देखे, जो हँसाते थे दुनिया को, आज वही लोग हमनें रोआंसे देखे, बाँटते थे जो खैरात दुनिया को ऐ “इश्क़” , आज उनके हाथों में पकड़े हमने कांसे देखे,
Punjabi Poem by me. This poem is dedicated to all women , whom’t lovers husbands are left them or die. किथे जा के बस गया , हुन आंदा नहीं बुलाया , मेरे सिर देया सईयां , आजा मेरे माहिया , मेरे सिर देया सईयां , मेरी जींद कखा दे वांगु हो गयी, जिंदगी गरम ह्ववां वरगी,सानु किथे… Continue reading Punjabi Poem : किथे जा के बस गया
दिल में लगता है, कुछ अभी अरमान बाकी हैं,धुआं उठ रहा है, लगता है शमशान में अभी कुछ बाकी है,ठोकर खाने के बाद भी, जीने की तमन्ना है दिल में, लगता है कुछ और देखना , इस जहाँ में अभी बाकी है, लुटने के बाद भी, लूट रहे है हमें सभी, लगता है ,… Continue reading Hindi Poetry : Smoke from the Heart.
दिल की किताब के पन्ने पन्ने कर के, वोह बनते रहे अनजान लोगो, खून उसने हमारे अरमानो का किया , आ गया हम पर कतल का इलज़ाम लोगो, घुमते रहे वोह डाल कर गले में बाहें हमारी, आ कर कहते की, तेरे इश्क ने कर दिया बदनाम लोगो, बेवफा की उपाधी बक्श के हमें,… Continue reading Hindi Poetry : Book of Heart