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Hindi Poetry : इश्क़ दे रोग

लगे इश्क़ दे रोग एह जे , इह रोग ठीक कराये न गए,।  दिल इह जे लगे उहनां दे नाल, की छुड़ाये न गए, । पत्थर दिल सी ओह यार बड़े, रोये बहुत , पर ओह पिघलाये न गए,। मर गए  “अमन” उहनां दी यादाँ दे वीच, पर वेखो लोको, ओह मर के वी भुलाये न… Continue reading Hindi Poetry : इश्क़ दे रोग

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Punjabi Poem : किथे जा के बस गया

Punjabi Poem by me. This poem is dedicated to all women , whom’t lovers  husbands are left them or die. किथे जा के बस गया , हुन आंदा नहीं बुलाया , मेरे सिर देया सईयां , आजा मेरे माहिया , मेरे सिर देया सईयां , मेरी जींद कखा दे वांगु हो गयी, जिंदगी गरम ह्ववां वरगी,सानु किथे… Continue reading Punjabi Poem : किथे जा के बस गया