Hindi Poem : ऐ खुदा तेरी दुनिया में
ऐ खुदा तेरी दुनिया में, अजब गजब से हमनें तमाशे देखे, जो हँसाते थे दुनिया को, आज वही लोग हमनें रोआंसे देखे, बाँटते थे जो खैरात दुनिया को ऐ “इश्क़” , आज उनके हाथों में पकड़े हमने कांसे देखे,
ऐ खुदा तेरी दुनिया में, अजब गजब से हमनें तमाशे देखे, जो हँसाते थे दुनिया को, आज वही लोग हमनें रोआंसे देखे, बाँटते थे जो खैरात दुनिया को ऐ “इश्क़” , आज उनके हाथों में पकड़े हमने कांसे देखे,
लगे इश्क़ दे रोग एह जे , इह रोग ठीक कराये न गए,। दिल इह जे लगे उहनां दे नाल, की छुड़ाये न गए, । पत्थर दिल सी ओह यार बड़े, रोये बहुत , पर ओह पिघलाये न गए,। मर गए “अमन” उहनां दी यादाँ दे वीच, पर वेखो लोको, ओह मर के वी भुलाये न… Continue reading Hindi Poetry : इश्क़ दे रोग